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Aaqa Ke Deewane Hain Aaqa Ke Mastane Hain Lyrics

 Aaqa Ke Deewane Hain Aaqa Ke Mastane Hain Lyrics आक़ा के दीवाने हैं, आक़ा के मस्ताने हैं जश्ने-मिलाद मनाएंगे, मदनी झंडे लगाएंगे मनाना जश्ने मीलादुन्नबी हरगिज़ न छोड़ेंगे जुलूसे पाक में जाना कभी हरगिज़ न छोड़ेंगे आक़ा के दीवाने हैं, आक़ा के मस्ताने हैं जश्ने-मिलाद मनाएंगे, मदनी झंडे लगाएंगे लगाते जाएंगे हम या रसूलल्लाह के नारे मचाना मरहबा की धूम भी हरगिज़ न छोड़ेंगे सरकार की आमद मरहबा दिलदार की आमद मरहबा प्यारे की आमद मरहबा सोहणे की आमद मरहबा ताहा की आमद मरहबा यासीन की आमद मरहबा मीठे की आमद मरहबा आक़ा के दीवाने हैं, आक़ा के मस्ताने हैं जश्ने-मिलाद मनाएंगे, मदनी झंडे लगाएंगे तसल्ली रख न हो मायूस क़ब्रो हश्र में अत्तार तुझे तन्हा रसूले हाशिमी हरगिज़ न छोड़ेंगे आक़ा के दीवाने हैं, आक़ा के मस्ताने हैं जश्ने-मिलाद मनाएंगे, मदनी झंडे लगाएंगे

Ya Mustafa Khairulwara Tere Jeaa Koi Nahin Lyrics

Ya Mustafa Khairulwara Tere Jeaa Koi Nahin Lyrics या मुस्तफ़ा खैरुलवरा तेरे जेआ कोई नहीं किनूं कह्वाँ तेरे जेआ, तेरे जेआ कोई नहीं तेरे जेआ सोहना नबी लभां ते तां जे होवे कोई मैनूं ते है एनां पता तेरे जेआ कोई नहीं अक़्सा दे विच आक़ा मेरे, पड़के नमाज़ पिछे तेरे नबियाँ नूं वी केहना पेया तेरे जेआ कोई नहीं गोदी च ले के सरकार नूं, सोहने मिठल मंठार नूं आखे हलीमा सअदिया तेरे जेआ कोई नहीं मन मोहनियाँ, नबी सोहनियाँ, क़ुरआन है तेरा नात-ख्वां अरबो-अजम दे वालेया तेरे जेआ कोई नहीं होवे फ़क़ीर या बादशाह भावें गदा नियाज़ी जेआ सब खांदे नें सदक़ा तेरा, तेरे जेआ कोई नहीं

Yaade Nabi Ka Gulshan Mehka Mehka Lagta Hai Lyrics

Yaade Nabi Ka Gulshan Mehka Mehka Lagta Hai Lyrics यादे नबी का गुलशन मेहका मेहका लगता है मेहफिल में मौजूद हैं आक़ा ऐसा लगता है नामे-मुहम्मद कितना मीठा मीठा लगता है प्यारे नबी का ज़िक्र भी हमको प्यारा लगता है लब पर नग़मे सल्ले अला के, हाथों में कश्कोल देखो तो सरकार का मंगता कैसा लगता है आँखों में माज़ाग का कजला, सर ताहा का ताज कैसे कहूं कमली वाला हम जैसा लगता है ग़ौस, क़ुतब, अब्दाल, कलंदर सब उनके मोहताज मेरा दाता हर दाता का दाता लगता है आओ सुनाएं अपने नबी को अपने ग़म की बात उनके इलावा कौन नियाज़ी अपना लगता है

Shah-e-Madina Shah-e-Madina Lyrics

Shah-e-Madina Shah-e-Madina Lyrics शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! दो-आलम के वाली !  सारे नबी हैं तेरे दर के सवाली शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह ! या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह ! जल्वे हैं सारे तेरे ही दम से आबाद आलम तेरे करम से बाक़ी हर इक शय नक़्श-ए-ख़याली सारे नबी हैं तेरे दर के सवाली शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह ! या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह ! तेरे लिए ही दुनिया बनी है नीले फ़लक की चादर तनी है तू अगर न होता दुनिया थी ख़ाली सारे नबी हैं तेरे दर के सवाली शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह ! या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह ! मज़हब है तेरा सब की भलाई मस्लक है तेरा मुश्किल-कुशाई देख अपनी उम्मत की ख़स्ता-हाली सारे नबी हैं तेरे दर के सवाली शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह ! या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

Tu Ne Batil Ko Mitaya Ai Imam Ahmad Raza | Faiz-e-Raza Jari Rahega Lyrics

Tu Ne Batil Ko Mitaya Ai Imam Ahmad Raza | Faiz-e-Raza Jari Rahega Lyrics तू ने बातिल को मिटाया, ऐ इमाम अहमद रज़ा ! दीन का डंका बजाया, ऐ इमाम अहमद रज़ा ! ज़ोर बातिल का, ज़लालत का था जिस दम हिन्द में तू मुजद्दिद बन के आया, ऐ इमाम अहमद रज़ा ! अहल-ए-सुन्नत का चमन सर-सब्ज़ था, शादाब था ताज़गी तू और लाया, ऐ इमाम अहमद रज़ा ! तू ने बातिल को मिटा कर दीन को बख़्शी जिला सुन्नतों को फिर जिलाया, ऐ इमाम अहमद रज़ा ! ए इमाम-ए-अहल-ए-सुन्नत नाइब-ए-शाह-ए-उमम कीजिए हम पर भी साया, ऐ इमाम अहमद रज़ा ! 'इल्म का चश्मा हुवा है मौज-ज़न तहरीर में जब क़लम तू ने उठाया, ऐ इमाम अहमद रज़ा ! हश्र तक जारी रहेगा फ़ैज़, मुर्शिद ! आप का फ़ैज़ का दरिया बहाया, ऐ इमाम अहमद रज़ा ! है ब-दरगाह-ए-ख़ुदा 'अत्तार-ए-'आजिज़ की दु'आ तुझ पे हो रहमत का साया, ऐ इमाम अहमद रज़ा !  Tu Ne Batil Ko Mitaya Ai Imam Ahmad Raza | Faiz-e-Raza Jari Rahega Lyrics tu ne baatil ko miTaaya, ai imaam ahmad raza ! deen ka Danka bajaaya, ai imaam ahmad raza ! zor baatil ka, zalaalat ka tha jis dam hind me.n tu mujaddid ban ke aaya, ai imaam ahmad raza ! ahl-e-...

Ne'mate Bant-ta Jis Samt Woh Zeeshaan Gaya Lyrics

Ne'mate Bant-ta Jis Samt Woh Zeeshaan Gaya Lyrics ने’मतें बांटता जिस सम्त वोह ज़ीशान गया साथ ही मुन्शिये रह़मत का क़लम-दान गया ले ख़बर जल्द कि ग़ैरों की त़रफ़ ध्यान गया मेरे मौला मेरे आक़ा तेरे क़ुरबान गया आह वोह आंख कि नाकामे तमन्ना ही रही हाए वोह दिल जो तेरे दर से पुर अरमान गया दिल है वोह दिल जो तेरी याद से मा’मूर रहा सर है वोह सर जो तेरे क़दमों पे क़ुरबान गया उन्हें जाना उन्हें माना न रखा ग़ैर से काम लिल्लाहिल-हम्द मैं दुन्या से मुसल्मान गया और तुम पर मेरे आक़ा की इ़नायत न सही नज्दियो ! कल्मा पढ़ाने का भी एह़सान गया आज ले उन की पनाह आज मदद मांग उन से फिर न मानेंगे क़ियामत में अगर मान गया उफ़ रे मुन्किर येह बढ़ा जोशे तअ़स्सुब आख़िर भीड़ में हाथ से कम बख़्त के ईमान गया जानो दिल होशो ख़िरद सब तो मदीने पहुंचे तुम नहीं चलते रज़ा सारा तो सामान गया

Mujh Pe Bhi Chashm-e-Karam, Ai Mere Aaqa ! Karna Lyrics

Mujh Pe Bhi Chashm-e-Karam, Ai Mere Aaqa ! Karna Lyrics मुझ पे भी चश्म-ए-करम, ए मेरे आक़ा ! करना हक़ तो मेरा भी है रहमत का तक़ाज़ा करना मैं कि ज़र्रा हूँ मुझे वुसअ'त-ए-सहरा दे दे कि तेरे बस में है क़तरे को भी दरिया करना मैं हूँ बे-कस, तेरा शेवा है सहारा देना मैं हूँ बीमार, तेरा काम है अच्छा करना तू किसी को भी उठाता नहीं अपने दर से कि तेरी शान के शायाँ नहीं ऐसा करना तेरे सदक़े ! वो उसी रंग में ख़ुद ही डूबा जिस ने, जिस रंग में चाहा मुझे रुस्वा करना ये तेरा काम है, ए आमिना के दुर्र-ए-यतीम ! सारी उम्मत की शफ़ाअ'त तन-ए-तन्हा करना कसरत-ए-शौक़ से औसान मदीने में है गुम नहीं खुलता कि मुझे चाहिए क्या क्या करना ! ये तमन्ना-ए-मोहब्बत है कि, ए दावर-ए-हश्र ! फ़ैसला मेरा सुपुर्द-ए-शह-ए-बतहा करना आल-ओ-असहाब की सुन्नत, मेरा मेअ'यार-ए-वफ़ा तेरी चाहत के एवज़, जान का सौदा करना शामिल-ए-मक़्सद-ए-तख़्लीक़ ये पहलु भी रहा बज़्म-ए-आलम को सजा कर तेरा चर्चा करना ये सराहत "वरफ़अ'ना लक ज़िक्रक" में है तेरी तारीफ़ कराना, तुझे ऊँचा करना तेरे आगे वो हर इक मंज़र-ए-फ़ितरत का अदब चाँद-सूरज का वो पहरों तुझे देखा करना ...