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Aaqa Ke Deewane Hain Aaqa Ke Mastane Hain Lyrics

 Aaqa Ke Deewane Hain Aaqa Ke Mastane Hain Lyrics आक़ा के दीवाने हैं, आक़ा के मस्ताने हैं जश्ने-मिलाद मनाएंगे, मदनी झंडे लगाएंगे मनाना जश्ने मीलादुन्नबी हरगिज़ न छोड़ेंगे जुलूसे पाक में जाना कभी हरगिज़ न छोड़ेंगे आक़ा के दीवाने हैं, आक़ा के मस्ताने हैं जश्ने-मिलाद मनाएंगे, मदनी झंडे लगाएंगे लगाते जाएंगे हम या रसूलल्लाह के नारे मचाना मरहबा की धूम भी हरगिज़ न छोड़ेंगे सरकार की आमद मरहबा दिलदार की आमद मरहबा प्यारे की आमद मरहबा सोहणे की आमद मरहबा ताहा की आमद मरहबा यासीन की आमद मरहबा मीठे की आमद मरहबा आक़ा के दीवाने हैं, आक़ा के मस्ताने हैं जश्ने-मिलाद मनाएंगे, मदनी झंडे लगाएंगे तसल्ली रख न हो मायूस क़ब्रो हश्र में अत्तार तुझे तन्हा रसूले हाशिमी हरगिज़ न छोड़ेंगे आक़ा के दीवाने हैं, आक़ा के मस्ताने हैं जश्ने-मिलाद मनाएंगे, मदनी झंडे लगाएंगे

Ya Mustafa Khairulwara Tere Jeaa Koi Nahin Lyrics

Ya Mustafa Khairulwara Tere Jeaa Koi Nahin Lyrics या मुस्तफ़ा खैरुलवरा तेरे जेआ कोई नहीं किनूं कह्वाँ तेरे जेआ, तेरे जेआ कोई नहीं तेरे जेआ सोहना नबी लभां ते तां जे होवे कोई मैनूं ते है एनां पता तेरे जेआ कोई नहीं अक़्सा दे विच आक़ा मेरे, पड़के नमाज़ पिछे तेरे नबियाँ नूं वी केहना पेया तेरे जेआ कोई नहीं गोदी च ले के सरकार नूं, सोहने मिठल मंठार नूं आखे हलीमा सअदिया तेरे जेआ कोई नहीं मन मोहनियाँ, नबी सोहनियाँ, क़ुरआन है तेरा नात-ख्वां अरबो-अजम दे वालेया तेरे जेआ कोई नहीं होवे फ़क़ीर या बादशाह भावें गदा नियाज़ी जेआ सब खांदे नें सदक़ा तेरा, तेरे जेआ कोई नहीं

Yaade Nabi Ka Gulshan Mehka Mehka Lagta Hai Lyrics

Yaade Nabi Ka Gulshan Mehka Mehka Lagta Hai Lyrics यादे नबी का गुलशन मेहका मेहका लगता है मेहफिल में मौजूद हैं आक़ा ऐसा लगता है नामे-मुहम्मद कितना मीठा मीठा लगता है प्यारे नबी का ज़िक्र भी हमको प्यारा लगता है लब पर नग़मे सल्ले अला के, हाथों में कश्कोल देखो तो सरकार का मंगता कैसा लगता है आँखों में माज़ाग का कजला, सर ताहा का ताज कैसे कहूं कमली वाला हम जैसा लगता है ग़ौस, क़ुतब, अब्दाल, कलंदर सब उनके मोहताज मेरा दाता हर दाता का दाता लगता है आओ सुनाएं अपने नबी को अपने ग़म की बात उनके इलावा कौन नियाज़ी अपना लगता है

Shah-e-Madina Shah-e-Madina Lyrics

Shah-e-Madina Shah-e-Madina Lyrics शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! दो-आलम के वाली !  सारे नबी हैं तेरे दर के सवाली शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह ! या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह ! जल्वे हैं सारे तेरे ही दम से आबाद आलम तेरे करम से बाक़ी हर इक शय नक़्श-ए-ख़याली सारे नबी हैं तेरे दर के सवाली शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह ! या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह ! तेरे लिए ही दुनिया बनी है नीले फ़लक की चादर तनी है तू अगर न होता दुनिया थी ख़ाली सारे नबी हैं तेरे दर के सवाली शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह ! या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह ! मज़हब है तेरा सब की भलाई मस्लक है तेरा मुश्किल-कुशाई देख अपनी उम्मत की ख़स्ता-हाली सारे नबी हैं तेरे दर के सवाली शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! शाह-ए-मदीना ! या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह ! या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

Tu Ne Batil Ko Mitaya Ai Imam Ahmad Raza | Faiz-e-Raza Jari Rahega Lyrics

Tu Ne Batil Ko Mitaya Ai Imam Ahmad Raza | Faiz-e-Raza Jari Rahega Lyrics तू ने बातिल को मिटाया, ऐ इमाम अहमद रज़ा ! दीन का डंका बजाया, ऐ इमाम अहमद रज़ा ! ज़ोर बातिल का, ज़लालत का था जिस दम हिन्द में तू मुजद्दिद बन के आया, ऐ इमाम अहमद रज़ा ! अहल-ए-सुन्नत का चमन सर-सब्ज़ था, शादाब था ताज़गी तू और लाया, ऐ इमाम अहमद रज़ा ! तू ने बातिल को मिटा कर दीन को बख़्शी जिला सुन्नतों को फिर जिलाया, ऐ इमाम अहमद रज़ा ! ए इमाम-ए-अहल-ए-सुन्नत नाइब-ए-शाह-ए-उमम कीजिए हम पर भी साया, ऐ इमाम अहमद रज़ा ! 'इल्म का चश्मा हुवा है मौज-ज़न तहरीर में जब क़लम तू ने उठाया, ऐ इमाम अहमद रज़ा ! हश्र तक जारी रहेगा फ़ैज़, मुर्शिद ! आप का फ़ैज़ का दरिया बहाया, ऐ इमाम अहमद रज़ा ! है ब-दरगाह-ए-ख़ुदा 'अत्तार-ए-'आजिज़ की दु'आ तुझ पे हो रहमत का साया, ऐ इमाम अहमद रज़ा !  Tu Ne Batil Ko Mitaya Ai Imam Ahmad Raza | Faiz-e-Raza Jari Rahega Lyrics tu ne baatil ko miTaaya, ai imaam ahmad raza ! deen ka Danka bajaaya, ai imaam ahmad raza ! zor baatil ka, zalaalat ka tha jis dam hind me.n tu mujaddid ban ke aaya, ai imaam ahmad raza ! ahl-e-...

Ne'mate Bant-ta Jis Samt Woh Zeeshaan Gaya Lyrics

Ne'mate Bant-ta Jis Samt Woh Zeeshaan Gaya Lyrics ने’मतें बांटता जिस सम्त वोह ज़ीशान गया साथ ही मुन्शिये रह़मत का क़लम-दान गया ले ख़बर जल्द कि ग़ैरों की त़रफ़ ध्यान गया मेरे मौला मेरे आक़ा तेरे क़ुरबान गया आह वोह आंख कि नाकामे तमन्ना ही रही हाए वोह दिल जो तेरे दर से पुर अरमान गया दिल है वोह दिल जो तेरी याद से मा’मूर रहा सर है वोह सर जो तेरे क़दमों पे क़ुरबान गया उन्हें जाना उन्हें माना न रखा ग़ैर से काम लिल्लाहिल-हम्द मैं दुन्या से मुसल्मान गया और तुम पर मेरे आक़ा की इ़नायत न सही नज्दियो ! कल्मा पढ़ाने का भी एह़सान गया आज ले उन की पनाह आज मदद मांग उन से फिर न मानेंगे क़ियामत में अगर मान गया उफ़ रे मुन्किर येह बढ़ा जोशे तअ़स्सुब आख़िर भीड़ में हाथ से कम बख़्त के ईमान गया जानो दिल होशो ख़िरद सब तो मदीने पहुंचे तुम नहीं चलते रज़ा सारा तो सामान गया

Mujh Pe Bhi Chashm-e-Karam, Ai Mere Aaqa ! Karna Lyrics

Mujh Pe Bhi Chashm-e-Karam, Ai Mere Aaqa ! Karna Lyrics मुझ पे भी चश्म-ए-करम, ए मेरे आक़ा ! करना हक़ तो मेरा भी है रहमत का तक़ाज़ा करना मैं कि ज़र्रा हूँ मुझे वुसअ'त-ए-सहरा दे दे कि तेरे बस में है क़तरे को भी दरिया करना मैं हूँ बे-कस, तेरा शेवा है सहारा देना मैं हूँ बीमार, तेरा काम है अच्छा करना तू किसी को भी उठाता नहीं अपने दर से कि तेरी शान के शायाँ नहीं ऐसा करना तेरे सदक़े ! वो उसी रंग में ख़ुद ही डूबा जिस ने, जिस रंग में चाहा मुझे रुस्वा करना ये तेरा काम है, ए आमिना के दुर्र-ए-यतीम ! सारी उम्मत की शफ़ाअ'त तन-ए-तन्हा करना कसरत-ए-शौक़ से औसान मदीने में है गुम नहीं खुलता कि मुझे चाहिए क्या क्या करना ! ये तमन्ना-ए-मोहब्बत है कि, ए दावर-ए-हश्र ! फ़ैसला मेरा सुपुर्द-ए-शह-ए-बतहा करना आल-ओ-असहाब की सुन्नत, मेरा मेअ'यार-ए-वफ़ा तेरी चाहत के एवज़, जान का सौदा करना शामिल-ए-मक़्सद-ए-तख़्लीक़ ये पहलु भी रहा बज़्म-ए-आलम को सजा कर तेरा चर्चा करना ये सराहत "वरफ़अ'ना लक ज़िक्रक" में है तेरी तारीफ़ कराना, तुझे ऊँचा करना तेरे आगे वो हर इक मंज़र-ए-फ़ितरत का अदब चाँद-सूरज का वो पहरों तुझे देखा करना ...

Lam Yaati Nazeeruk Fi Nazrin Lyrics

Lam Yaati Nazeeruk Fi Nazrin Lyrics लम याति नज़ीरुक फ़ी नज़रिन, मिस्ले तो न शुद पैदा जाना जग राज को ताज तोरे सर सो, है तुझ को शहे दो सरा जाना अल-बह़रू अ़ला वल-मौजु त़गा, मन बे कसो तू़फ़ां होशरुबा मंजधार में हूं बिगड़ी है हवा, मोरी नय्या पार लगा जाना या शम्शू नज़रति इला लैली, चू ब त़यबा रसी अ़र्ज़े बुकुनी तोरी जोत की झल झल जग में रची, मेरी शब ने न दिन होना जाना लक बदरून फिल वजहिल अजमल, ख़त़ हालए मह ज़ुल्फ़ अब्रे अजल तोरे चन्दन चंद्र परो कुन्डल, रह़मत की भरन बरसा जाना अना फी अ़त़शिव्व सखा़क अतम, ऐ गेसूए पाक ऐ अब्रे करम बरसन हारे रिमझिम रिमझिम, दो बूंद इधर भी गिरा जाना या क़ाफ़िलती ज़ीदी अजलक, रह़मे बर ह़स्रते तिश्ना लबक मोरा जि-यरा लरजे दरक दरक त़यबा से अभी न सुना जाना वाहन लिसुवयआ़तीन ज़हबत, आं अ़हदे हुज़ूरे बार गहत जब याद आवत मोहे कर न परत दरदा वोह मदीने का जाना अल-क़ल्बु शजि-व्वलहम्मु-शुजूं, दिल ज़ार चुनां जां ज़ेरे चुनूं पत अपनी बिपत में का से कहूं मेरा कौन है तेरे सिवा जाना अर्रुहु़ फ़िदाक फ़ज़िद हरक़ा, यक शो’ला दिगर बरज़न इ़श्क़ा मोरा तन मन धन सब फूंक दिया येह जान भी प्यारे जला जाना बस ख़ामए ख़ाम नवाए रज़ा न...

Karam Jo Aapka Ae Saiyade Abrar Ho Jae Lyrics

Karam Jo Aapka Ae Saiyade Abrar Ho Jae Lyrics करम जो आपका ऐ सैयदे-अबरार हो जाए तो हर बदकार बन्दा दम में नेकोकार हो जाए जो सर रखदे तुम्हारे क़दमों पे सरदार हो जाए जो तुमसे सर कोई फेरे ज़लीलो-ख़्वार हो जाए इनायत से मेरे सर पर अगर वो कफ्शे-पा रखदें ये बन्दा ताजदारों का भी तो सरदार हो जाए तलातुम कैसा ही कुछ है मगर ऐ नाख़ुदा-ए-मन इशारा आप फरमा दें तो बेड़ा पार हो जाए जो डूबा चाहता है वो तो डूबा हुवा बेड़ा इशारा आपका पाए तो मौला पार हो जाए तुम्हारे फैज़ से लाठी मिसाले-शम्अ रोशन हो जो तुम लकड़ी को चाहो तेज़ तलवार हो जाए गुनाह कितने ही और कैसे ही हैं पर रहमते आलम शफ़ाअत आप फरमाएं तो बेड़ा पार हो जाए इशारा पाए तो डूबा हुवा सूरज बरआमद हो उठे ऊँगली तो मह दो बल्के दो दो चार हो जाए तुम्हारे हुक्म का बांधा हुवा सूरज फिरे उल्टा जो तुम चाहो के शब दिन हो अभी सरकार हो जाए क़वाफ़ी और मज़ामीन अच्छे अच्छे हैं अभी बाक़ी मगर बस भी करो नूरी न पड़ना बार हो जाए

Zarre Jhad Kar Teri Paizaron Ke Lyrics

Zarre Jhad Kar Teri Paizaron Ke Lyrics ज़र्रे झड़ कर तेरी पैज़ारों के ताजे सर बनते हैं सय्यारों के हम से चोरों पे जो फ़रमाएं करम ख़िल्अ़ते ज़र बनें पुश्तारों के मेरे आक़ा का वोह दर है जिस पर माथे घिस जाते हैं सरदारों के मेरे ई़सा तेरे सदक़े जाऊं त़ौर बे त़ौर हैं बीमारों के मुजरिमो ! चश्मे तबस्सुम रख्खो फूल बन जाते हैं अंगारों के तेरे अब्रू के तसद्दुक़ प्यारे बन्द कर्रे हैं गिरिफ़्तारों के जानो दिल तेरे क़दम पर वारे क्या नसीबे हैं तेरे यारों के सिद्‌क़ो-अ़दलो-करम व हिम्मत में चार सू शोहरे हैं इन चारों के बहरे तस्लीमे अ़ली मैदां में सर झुके रहते हैं तलवारों के कैसे आक़ाओं का बन्दा हूं रज़ा बोलबाले मेरी सरकारों के

Tasweer-e-Husn-e-Be-Nishaan ! Salle Ala, Salle Ala Lyrics

Tasweer-e-Husn-e-Be-Nishaan ! Salle Ala, Salle Ala Lyrics स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! तस्वीर-ए-हुस्न-बे-निशाँ ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! ला-रैब ! शाह-ए-ख़ुश-रवाँ ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! ए चेहरा-ए-ज़ेबा-ए-तू ! शम्सुद्दुहा ! बदरूद्दुजा ! इर्ह़म्-लना ! ए जान-ए-जाँ ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! मा-ज़ाग़ चश्म-ए-सुर्मगीं, वलैल ज़ुल्फ़-ए-अम्बरीं यासीन दंदान-ए-दहाँ, स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! महमूद से हामिद हुआ, अहमद-मुहम्मद-मुस्तफ़ा ह़ा-मीम का है राज़-दाँ, स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! ए क़िब्ला-...

Tanam Farsooda Jaan Paara Ze-Hijraan Ya Rasoolallah Lyrics

Tanam Farsooda Jaan Paara Ze-Hijraan Ya Rasoolallah Lyrics तनम फ़र्सूदा जाँ पारा ज़े-हिज्राँ, या रसूलल्लाह ! दिलम पज़मुर्दा आवारा ज़े-'इस्याँ, या रसूलल्लाह ! चूँ सू-ए-मन गुज़र आरी, मन-ए-मिस्कीं ज़े-नादारी फ़िदा-ए-नक़्श-ए-ना'लैनत कुनम जाँ, या रसूलल्लाह ! ज़े-जाम-ए-हुब्ब-ए-तो मस्तम, ब-ज़ंजीर-ए-तो दिल बस्तम नमी गोयम कि मन हस्तम सुख़न-दाँ, या रसूलल्लाह ! ज़े कर्दा ख़्वेश हैरानम, सियह शुद रू ज़े-'इस्यानम पशेमानम पशेमानम पशेमाँ, या रसूलल्लाह ! चूँ बाज़ू-ए-शफ़ा'अत रा कुशाई बर गुनह-गाराँ मकुन महरूम जामी रा दरा आँ, या रसूलल्लाह ! Tanam Farsooda Jaan Paara Ze-Hijraan Ya Rasoolallah Lyrics tanam farsooda jaa.n paara ze-hijraa.n, ya rasoolallah ! dilam pazhmurda aawaara ze-'isyaa.n, ya rasoolallah ! choo.n soo-e-man guzar aari, man-e-miskee.n ze-naadaari fida-e-naqsh-e-naa'lainat kunam jaa.n, ya rasoolallah ! ze-jaam-e-hubb-e-to mastam, ba-zanjeer-e-to dil bastam nami goyam ki man hastam suKHan-daa.n, ya rasoolallah ! ze karda KHwesh hairaanam, siyah shud roo ze-'isyaanam pashemaanam p...

Shuja'at Naaz Karti Hai Lyrics

Shuja'at Naaz Karti Hai Lyrics शुजाअ़त नाज़ करती है, जलालत नाज़ करती है वो सुलताने-ज़मां हैं उन पे शौकत नाज़ करती है सदाक़त नाज़ करती है अमानत नाज़ करती है हुमीय्यत नाज़ करती है, मुरव्वत नाज़ करती है शहे-खूबाँ पे हर खूबीयो-ख़स्लत नाज़ करती है करीम ऐसें हैं वो उन पर करामत नाज़ करती है जहाँने-हुस्न में भी कुछ निराली शान है उनकी नबी के गुल पे गुलज़ारों की ज़ीनत नाज़ करती है शहेनशाहे-शहीदां हो, अनोखी शान वाले हो हुसैन इब्ने अली तुम पर शहादत नाज़ करती है बिठा कर शाना-ए-अक़दस पे करदी शान दोबाला नबी के लाडलों पर हर फ़ज़ीलत नाज़ करती है ज़बीन-ए-नाज़ उनकी जल्वागाहे-हुस्न है किसकी रूखे-ज़ेबा पे हज़रत की मलाहत नाज़ करती है निगाहे-नाज़ से नक़्शा बदल देते हैं आलम का अदा-ए-सरवरे-खूबां पे नुदरत नाज़ करती है फ़िदाईं हूँ तो किसका हूँ कोई देखे मेरी क़िस्मत क़दम पर जिस हसीं की जाने-तलअत नाज़ करती है ख़ुदा के फ़ज़्ल से अख़्तर मैं उनका नाम लेवा हूँ मैं हूँ क़िस्मत पे नाज़ां, मुझपे क़िस्मत नाज़ करती है

Ajab Rang Par Hai Bahar-e-Madina Lyrics

Ajab Rang Par Hai Bahar-e-Madina Lyrics 'अजब रंग पर है बहार-ए-मदीना कि सब जन्नतें हैं निसार-ए-मदीना मुबारक रहे, 'अंदलीबो ! तुम्हें गुल हमें गुल से बेहतर हैं ख़ार-ए-मदीना बना शह-नशीं ख़ुसरव-ए-दो-जहाँ का बयाँ क्या हो 'इज़्ज़-ओ-वक़ार-ए-मदीना मेरी ख़ाक, या रब ! न बर्बाद जाए पस-ए-मर्ग कर दे ग़ुबार-ए-मदीना कभी तो म'आसी के ख़िरमन में, या रब ! लगे आतिश-ए-लाला-ज़ार-ए-मदीना रग-ए-गुल की जब नाज़ुकी देखता हूँ मुझे याद आते हैं ख़ार-ए-मदीना मलाइक लगाते हैं आँखों में अपनी शब-ओ-रोज़ ख़ाक-ए-मज़ार-ए-मदीना जिधर देखिए बाग़-ए-जन्नत खुला है नज़र में हैं नक़्श-ओ-निगार-ए-मदीना रहें उन के जल्वे, बसें उन के जल्वे मेरा दिल बने यादगार-ए-मदीना हरम है उसे साहत-ए-हर-दो-'आलम जो दिल हो चुका है शिकार-ए-मदीना दो-'आलम में बटता है सदक़ा यहाँ का हमीं इक नहीं रेज़ा-ख़्वार-ए-मदीना बना आसमाँ मंज़िल-ए-इब्न-ए-मरियम गए ला-मकाँ ताजदार-ए-मदीना मुराद-ए-दिल-ए-बुलबुल-ए-बे-नवा दे ख़ुदाया ! दिखा दे बहार-ए-मदीना शरफ़ जिन से हासिल हुआ अंबिया को वही हैं, हसन ! इफ़्तिख़ार-ए-मदीना Ajab Rang Par Hai Bahar-e-Madina Lyrics 'ajab rang par hai...

Sair-e-Gulshan Kaun Dekhe, Dasht-e-Tayba Chhod Kar Lyrics

Sair-e-Gulshan Kaun Dekhe, Dasht-e-Tayba Chhod Kar Lyrics सैर-ए-गुलशन कौन देखे, दश्त-ए-तयबा छोड़ कर सू-ए-जन्नत कौन जाए, दर तुम्हारा छोड़ कर सर-गुज़श्त-ए-ग़म कहूँ किस से तेरे होते हुए किस के दर पे जाऊँ तेरा आस्ताना छोड़ कर सैर-ए-गुलशन कौन देखे, दश्त-ए-तयबा छोड़ कर सू-ए-जन्नत कौन जाए, दर तुम्हारा छोड़ कर बे-लिक़ा-ए-यार उन को चैन आ जाता अगर बार बार आते न यूँ जिब्रील सिदरा छोड़ कर सैर-ए-गुलशन कौन देखे, दश्त-ए-तयबा छोड़ कर सू-ए-जन्नत कौन जाए, दर तुम्हारा छोड़ कर मर ही जाऊँ मैं अगर इस दर से जाऊँ दो क़दम क्या बचे बीमार-ए-ग़म क़ुर्ब-ए-मसीहा छोड़ कर सैर-ए-गुलशन कौन देखे, दश्त-ए-तयबा छोड़ कर सू-ए-जन्नत कौन जाए, दर तुम्हारा छोड़ कर बख़्शवाना मुझ से आ'सी का रवा होगा किसे किस के दामन में छुपूँ दामन तुम्हारा छोड़ कर सैर-ए-गुलशन कौन देखे, दश्त-ए-तयबा छोड़ कर सू-ए-जन्नत कौन जाए, दर तुम्हारा छोड़ कर मर के जीते हैं जो उन के दर पे जाते हैं, हसन ! जी के मरते हैं जो आते हैं मदीना छोड़ कर सैर-ए-गुलशन कौन देखे, दश्त-ए-तयबा छोड़ कर सू-ए-जन्नत कौन जाए, दर तुम्हारा छोड़ कर

Rooh-e-Shabbir Wo Manzar To Bata Lyrics

Rooh-e-Shabbir Wo Manzar To Bata Lyrics रूह-ए-शब्बीर ! वो मंज़र तो बता जब हुई शहर-ए-मदीना से जुदाई होगी ये तो ज़ैनब ही बता सकती है लौट कर कैसे मदीने में वो आई होगी कर के रौज़े की तरफ़ चेहरा ये बोले शब्बीर हम रहें या न रहें, नाना हुज़ूर ! हश्र तक आप की उम्मत की भलाई होगी रूह-ए-शब्बीर ! वो मंज़र तो बता जब हुई शहर-ए-मदीना से जुदाई होगी लाश अकबर की उठा लाए जो ख़ैमों में हुसैन शहर-बानो ही बता सकती है किस ग़ज़ब की वो क़यामत थी जो टूटी होगी रूह-ए-शब्बीर ! वो मंज़र तो बता जब हुई शहर-ए-मदीना से जुदाई होगी जलते ख़ैमों में झुलसती वो सकीना मा'सूम ए फ़लक ! तूने ये कैसे देखा ! तुर्बत-ए-ज़हरा मदीने में दहलती होगी रूह-ए-शब्बीर ! वो मंज़र तो बता जब हुई शहर-ए-मदीना से जुदाई होगी रख के लाशों को क़तारों में ये बोले शब्बीर तू जो राज़ी है तो हम राज़ी हैं सर-ए-तस्लीम कि तेरी यही मर्ज़ी होगी रूह-ए-शब्बीर ! वो मंज़र तो बता जब हुई शहर-ए-मदीना से जुदाई होगी हो के तैयार चले शाह जो कर्बल की तरफ़ ये सकीना को कोई जा देखे किस तरह घोड़े की टाँगों से वो लिपटी होगी रूह-ए-शब्बीर ! वो मंज़र तो बता जब हुई शहर-ए-मदीना से जुदाई होगी नूर को हश्...

Pyare Nabi Ki Aankh Ke Tare Husain Hain Lyrics

 Pyare Nabi Ki Aankh Ke Tare Husain Hain Lyrics प्यारे नबी की आँख के तारे हुसैन हैं मौला अली के राज-दुलारे हुसैन हैं  मेरे प्यारे हुसैन, मेरे प्यारे हुसैन मेरे प्यारे हुसैन, मेरे प्यारे हुसैन दिल को करार मिलता है नामे-हुसैन से वल्लाह हमको जान से प्यारे हुसैन हैं प्यारे नबी की आँख के तारे हुसैन हैं मौला अली के राज-दुलारे हुसैन हैं  मेरे प्यारे हुसैन, मेरे प्यारे हुसैन मेरे प्यारे हुसैन, मेरे प्यारे हुसैन रोशन के जिन से इश्क़ो-वफ़ा की तमाम राह चश्मे-तलब में ऐसे मिनारे हुसैन हैं प्यारे नबी की आँख के तारे हुसैन हैं मौला अली के राज-दुलारे हुसैन हैं  मेरे प्यारे हुसैन, मेरे प्यारे हुसैन मेरे प्यारे हुसैन, मेरे प्यारे हुसैन वो अज़्म हौसला है के जिसकी नहीं मिसाल सब्रो-रिज़ा के बाब में न्यारे हुसैन हैं प्यारे नबी की आँख के तारे हुसैन हैं मौला अली के राज-दुलारे हुसैन हैं  मेरे प्यारे हुसैन, मेरे प्यारे हुसैन मेरे प्यारे हुसैन, मेरे प्यारे हुसैन ज़ालिम यज़ीद मिट गया ज़िन्दा रहे हुसैन ये सोचना ग़लत है के हारे हुसैन हैं प्यारे नबी की आँख के तारे हुसैन हैं मौला अली के राज-दुलारे हुसै...

Pushton Se Main Naseer Hun Mangta Husain Ka Lyrics

Pushton Se Main Naseer Hun Mangta Husain Ka Lyrics पुश्तों से मैं नसीर हूँ मंगता हुसैन का विरसे में मैंने पाया है सदक़ा हुसैन का नबियों की रोज़े हश्र ये फरमाइशें न हो अज़ान हो बिलाल की सजदा हुसैन का इस का सबूत दे दिया असग़र की जंग ने शेरों का शेर होता है बच्चा हुसैन का मैदाने-हश्र की मुझे क्या फ़िक्र हो नसीर भारी हमेशा रेहता है पल्ला हुसैन का

Pul Se Utaro Rah Guzar Ko Khabar Na Ho Lyrics

Pul Se Utaro Rah Guzar Ko Khabar Na Ho Lyrics पुल से उतारो राह गुज़र को ख़बर न हो जिब्रील पर बिछाएं तो पर को ख़बर न हो कांटा मेरे जिगर से ग़मे रोज़गार का यूं खींच लीजिये कि जिगर को ख़बर न हो फ़रियाद उम्मती जो करे ह़ाले ज़ार में मुम्किन नहीं कि ख़ैरे बशर को ख़बर न हो कहती थी येह बुराक़ से उस की सबुक-रवी यूं जाइये कि गर्दे सफ़र को ख़बर न हो फ़रमाते हैं येह दोनों हैं सरदारे दो जहां ऐ मुर्तज़ा ! अ़तीक़ो उ़मर को ख़बर न हो ऐसा गुमा दे उन की विला में ख़ुदा हमें ढूंढा करे पर अपनी ख़बर को ख़बर न हो आ दिल ! ह़रम को रोकने वालों से छुप के आज यूं उठ चलें कि पहलूओ बर को ख़बर न हो त़ैरे ह़रम हैं येह कहीं रिश्ता बपा न हो यूं देखिये कि तारे नज़र को ख़बर न हो ऐ ख़ारे त़यबा ! देख कि दामन न भीग जाए यूं दिल में आ कि दीदए तर को ख़बर न हो ऐ शौक़े दिल ! येह सज्दा गर उन को रवा नहीं अच्छा ! वोह सज्दा कीजे कि सर को ख़बर न हो उन के सिवा रज़ा कोई ह़ामी नहीं जहां गुज़रा करे पिसर पे पिदर को ख़बर न हो

Munawwar Meri Aankhon Ko, Mere Shamsudduha ! Kar Den Lyrics

Munawwar Meri Aankhon Ko, Mere Shamsudduha ! Kar Den Lyrics मुनव्वर मेरी आँखों को, मेरे शम्सुद्दुहा ! कर दें ग़मों की धूप में वो साया-ए-ज़ुल्फ़-ए-दोता कर दें मुनव्वर मेरी आँखों को, मेरे शम्सुद्दुहा ! कर दें जहाँ-बानी अता कर दें, भरी जन्नत हिबा कर दें नबी मुख़्तार-ए-कुल हैं, जिस को जो चाहें अता कर दें मुनव्वर मेरी आँखों को, मेरे शम्सुद्दुहा ! कर दें फ़ज़ा में उड़ने वाले यूँ न इतराएँ, निदा कर दें वो जब चाहें, जिसे चाहें, उसे फ़रमाँ-रवा कर दें मुनव्वर मेरी आँखों को, मेरे शम्सुद्दुहा ! कर दें जहाँ में उन की चलती है, वो दम में क्या से क्या कर दें ज़मीं को आसमाँ कर दें, सुरय्या को सरा कर दें मुनव्वर मेरी आँखों को, मेरे शम्सुद्दुहा ! कर दें नबी से जो हो बेगाना, उसे दिल से जुदा कर दें पिदर, मादर, बिरादर, जान-ओ-माल उन पर फ़िदा कर दें मुनव्वर मेरी आँखों को, मेरे शम्सुद्दुहा ! कर दें मुझे क्या फ़िक्र हो, अख़्तर ! मेरे यावर हैं वो यावर बलाओं को मेरी जो ख़ुद गिरफ़्तार-ए-बला कर दें मुनव्वर मेरी आँखों को, मेरे शम्सुद्दुहा ! कर दें