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Karam Jo Aapka Ae Saiyade Abrar Ho Jae Lyrics

Karam Jo Aapka Ae Saiyade Abrar Ho Jae Lyrics करम जो आपका ऐ सैयदे-अबरार हो जाए तो हर बदकार बन्दा दम में नेकोकार हो जाए जो सर रखदे तुम्हारे क़दमों पे सरदार हो जाए जो तुमसे सर कोई फेरे ज़लीलो-ख़्वार हो जाए इनायत से मेरे सर पर अगर वो कफ्शे-पा रखदें ये बन्दा ताजदारों का भी तो सरदार हो जाए तलातुम कैसा ही कुछ है मगर ऐ नाख़ुदा-ए-मन इशारा आप फरमा दें तो बेड़ा पार हो जाए जो डूबा चाहता है वो तो डूबा हुवा बेड़ा इशारा आपका पाए तो मौला पार हो जाए तुम्हारे फैज़ से लाठी मिसाले-शम्अ रोशन हो जो तुम लकड़ी को चाहो तेज़ तलवार हो जाए गुनाह कितने ही और कैसे ही हैं पर रहमते आलम शफ़ाअत आप फरमाएं तो बेड़ा पार हो जाए इशारा पाए तो डूबा हुवा सूरज बरआमद हो उठे ऊँगली तो मह दो बल्के दो दो चार हो जाए तुम्हारे हुक्म का बांधा हुवा सूरज फिरे उल्टा जो तुम चाहो के शब दिन हो अभी सरकार हो जाए क़वाफ़ी और मज़ामीन अच्छे अच्छे हैं अभी बाक़ी मगर बस भी करो नूरी न पड़ना बार हो जाए

Zarre Jhad Kar Teri Paizaron Ke Lyrics

Zarre Jhad Kar Teri Paizaron Ke Lyrics ज़र्रे झड़ कर तेरी पैज़ारों के ताजे सर बनते हैं सय्यारों के हम से चोरों पे जो फ़रमाएं करम ख़िल्अ़ते ज़र बनें पुश्तारों के मेरे आक़ा का वोह दर है जिस पर माथे घिस जाते हैं सरदारों के मेरे ई़सा तेरे सदक़े जाऊं त़ौर बे त़ौर हैं बीमारों के मुजरिमो ! चश्मे तबस्सुम रख्खो फूल बन जाते हैं अंगारों के तेरे अब्रू के तसद्दुक़ प्यारे बन्द कर्रे हैं गिरिफ़्तारों के जानो दिल तेरे क़दम पर वारे क्या नसीबे हैं तेरे यारों के सिद्‌क़ो-अ़दलो-करम व हिम्मत में चार सू शोहरे हैं इन चारों के बहरे तस्लीमे अ़ली मैदां में सर झुके रहते हैं तलवारों के कैसे आक़ाओं का बन्दा हूं रज़ा बोलबाले मेरी सरकारों के

Tasweer-e-Husn-e-Be-Nishaan ! Salle Ala, Salle Ala Lyrics

Tasweer-e-Husn-e-Be-Nishaan ! Salle Ala, Salle Ala Lyrics स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! तस्वीर-ए-हुस्न-बे-निशाँ ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! ला-रैब ! शाह-ए-ख़ुश-रवाँ ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! ए चेहरा-ए-ज़ेबा-ए-तू ! शम्सुद्दुहा ! बदरूद्दुजा ! इर्ह़म्-लना ! ए जान-ए-जाँ ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! मा-ज़ाग़ चश्म-ए-सुर्मगीं, वलैल ज़ुल्फ़-ए-अम्बरीं यासीन दंदान-ए-दहाँ, स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! महमूद से हामिद हुआ, अहमद-मुहम्मद-मुस्तफ़ा ह़ा-मीम का है राज़-दाँ, स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! स़ल्ले अ़ला, स़ल्ले अ़ला ! ए क़िब्ला-...

Tanam Farsooda Jaan Paara Ze-Hijraan Ya Rasoolallah Lyrics

Tanam Farsooda Jaan Paara Ze-Hijraan Ya Rasoolallah Lyrics तनम फ़र्सूदा जाँ पारा ज़े-हिज्राँ, या रसूलल्लाह ! दिलम पज़मुर्दा आवारा ज़े-'इस्याँ, या रसूलल्लाह ! चूँ सू-ए-मन गुज़र आरी, मन-ए-मिस्कीं ज़े-नादारी फ़िदा-ए-नक़्श-ए-ना'लैनत कुनम जाँ, या रसूलल्लाह ! ज़े-जाम-ए-हुब्ब-ए-तो मस्तम, ब-ज़ंजीर-ए-तो दिल बस्तम नमी गोयम कि मन हस्तम सुख़न-दाँ, या रसूलल्लाह ! ज़े कर्दा ख़्वेश हैरानम, सियह शुद रू ज़े-'इस्यानम पशेमानम पशेमानम पशेमाँ, या रसूलल्लाह ! चूँ बाज़ू-ए-शफ़ा'अत रा कुशाई बर गुनह-गाराँ मकुन महरूम जामी रा दरा आँ, या रसूलल्लाह ! Tanam Farsooda Jaan Paara Ze-Hijraan Ya Rasoolallah Lyrics tanam farsooda jaa.n paara ze-hijraa.n, ya rasoolallah ! dilam pazhmurda aawaara ze-'isyaa.n, ya rasoolallah ! choo.n soo-e-man guzar aari, man-e-miskee.n ze-naadaari fida-e-naqsh-e-naa'lainat kunam jaa.n, ya rasoolallah ! ze-jaam-e-hubb-e-to mastam, ba-zanjeer-e-to dil bastam nami goyam ki man hastam suKHan-daa.n, ya rasoolallah ! ze karda KHwesh hairaanam, siyah shud roo ze-'isyaanam pashemaanam p...

Shuja'at Naaz Karti Hai Lyrics

Shuja'at Naaz Karti Hai Lyrics शुजाअ़त नाज़ करती है, जलालत नाज़ करती है वो सुलताने-ज़मां हैं उन पे शौकत नाज़ करती है सदाक़त नाज़ करती है अमानत नाज़ करती है हुमीय्यत नाज़ करती है, मुरव्वत नाज़ करती है शहे-खूबाँ पे हर खूबीयो-ख़स्लत नाज़ करती है करीम ऐसें हैं वो उन पर करामत नाज़ करती है जहाँने-हुस्न में भी कुछ निराली शान है उनकी नबी के गुल पे गुलज़ारों की ज़ीनत नाज़ करती है शहेनशाहे-शहीदां हो, अनोखी शान वाले हो हुसैन इब्ने अली तुम पर शहादत नाज़ करती है बिठा कर शाना-ए-अक़दस पे करदी शान दोबाला नबी के लाडलों पर हर फ़ज़ीलत नाज़ करती है ज़बीन-ए-नाज़ उनकी जल्वागाहे-हुस्न है किसकी रूखे-ज़ेबा पे हज़रत की मलाहत नाज़ करती है निगाहे-नाज़ से नक़्शा बदल देते हैं आलम का अदा-ए-सरवरे-खूबां पे नुदरत नाज़ करती है फ़िदाईं हूँ तो किसका हूँ कोई देखे मेरी क़िस्मत क़दम पर जिस हसीं की जाने-तलअत नाज़ करती है ख़ुदा के फ़ज़्ल से अख़्तर मैं उनका नाम लेवा हूँ मैं हूँ क़िस्मत पे नाज़ां, मुझपे क़िस्मत नाज़ करती है

Ajab Rang Par Hai Bahar-e-Madina Lyrics

Ajab Rang Par Hai Bahar-e-Madina Lyrics 'अजब रंग पर है बहार-ए-मदीना कि सब जन्नतें हैं निसार-ए-मदीना मुबारक रहे, 'अंदलीबो ! तुम्हें गुल हमें गुल से बेहतर हैं ख़ार-ए-मदीना बना शह-नशीं ख़ुसरव-ए-दो-जहाँ का बयाँ क्या हो 'इज़्ज़-ओ-वक़ार-ए-मदीना मेरी ख़ाक, या रब ! न बर्बाद जाए पस-ए-मर्ग कर दे ग़ुबार-ए-मदीना कभी तो म'आसी के ख़िरमन में, या रब ! लगे आतिश-ए-लाला-ज़ार-ए-मदीना रग-ए-गुल की जब नाज़ुकी देखता हूँ मुझे याद आते हैं ख़ार-ए-मदीना मलाइक लगाते हैं आँखों में अपनी शब-ओ-रोज़ ख़ाक-ए-मज़ार-ए-मदीना जिधर देखिए बाग़-ए-जन्नत खुला है नज़र में हैं नक़्श-ओ-निगार-ए-मदीना रहें उन के जल्वे, बसें उन के जल्वे मेरा दिल बने यादगार-ए-मदीना हरम है उसे साहत-ए-हर-दो-'आलम जो दिल हो चुका है शिकार-ए-मदीना दो-'आलम में बटता है सदक़ा यहाँ का हमीं इक नहीं रेज़ा-ख़्वार-ए-मदीना बना आसमाँ मंज़िल-ए-इब्न-ए-मरियम गए ला-मकाँ ताजदार-ए-मदीना मुराद-ए-दिल-ए-बुलबुल-ए-बे-नवा दे ख़ुदाया ! दिखा दे बहार-ए-मदीना शरफ़ जिन से हासिल हुआ अंबिया को वही हैं, हसन ! इफ़्तिख़ार-ए-मदीना Ajab Rang Par Hai Bahar-e-Madina Lyrics 'ajab rang par hai...

Sair-e-Gulshan Kaun Dekhe, Dasht-e-Tayba Chhod Kar Lyrics

Sair-e-Gulshan Kaun Dekhe, Dasht-e-Tayba Chhod Kar Lyrics सैर-ए-गुलशन कौन देखे, दश्त-ए-तयबा छोड़ कर सू-ए-जन्नत कौन जाए, दर तुम्हारा छोड़ कर सर-गुज़श्त-ए-ग़म कहूँ किस से तेरे होते हुए किस के दर पे जाऊँ तेरा आस्ताना छोड़ कर सैर-ए-गुलशन कौन देखे, दश्त-ए-तयबा छोड़ कर सू-ए-जन्नत कौन जाए, दर तुम्हारा छोड़ कर बे-लिक़ा-ए-यार उन को चैन आ जाता अगर बार बार आते न यूँ जिब्रील सिदरा छोड़ कर सैर-ए-गुलशन कौन देखे, दश्त-ए-तयबा छोड़ कर सू-ए-जन्नत कौन जाए, दर तुम्हारा छोड़ कर मर ही जाऊँ मैं अगर इस दर से जाऊँ दो क़दम क्या बचे बीमार-ए-ग़म क़ुर्ब-ए-मसीहा छोड़ कर सैर-ए-गुलशन कौन देखे, दश्त-ए-तयबा छोड़ कर सू-ए-जन्नत कौन जाए, दर तुम्हारा छोड़ कर बख़्शवाना मुझ से आ'सी का रवा होगा किसे किस के दामन में छुपूँ दामन तुम्हारा छोड़ कर सैर-ए-गुलशन कौन देखे, दश्त-ए-तयबा छोड़ कर सू-ए-जन्नत कौन जाए, दर तुम्हारा छोड़ कर मर के जीते हैं जो उन के दर पे जाते हैं, हसन ! जी के मरते हैं जो आते हैं मदीना छोड़ कर सैर-ए-गुलशन कौन देखे, दश्त-ए-तयबा छोड़ कर सू-ए-जन्नत कौन जाए, दर तुम्हारा छोड़ कर